धन का सदुपयोग क्या देता है?। धन का सदुपयोग (Dhan ka Sadupyog)

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धन का सदुपयोग क्या देता है?। धन का सदुपयोग (Dhan ka Sadupyog) के इस पोस्ट में आप सभी को धन का किस प्रकार से उपयोग किया जाना चाहिए और किस प्रकार से नहीं किया जाना चाहिए और कब करना चाहिए इन सभी बातों को इस पोस्ट पर विस्तार से बताया गया है, इसलिए यदि आप धन की उपयोगिता को सच में जानना चाहते हैं, तो इस पोस्ट को जरूर पूरा पढ़ें, आपको धन का सदुपयोग के बारे में पूरी जानकारी मिलने वाली है, तो चलिए शुरू करते हैं-

धन का सदुपयोग क्या देता है?। धन का सदुपयोग (Dhan ka Sadupyog)

धन के सदुपयोग का मतलब है – धन को बिना आवश्यकता के व्यय कभी करना चाहिए बल्कि उन्हें सही कार्य में लगाना चाहिए । किसी भी मनुष्य के पास यदि अधिक धन है तो उस व्यक्ति को चाहिए कि वह उस धन को अपने ऐशो-आराम की जिंदगी पर आवश्यकता से अधिक व्यय न करे। इसी को हम ‘धन का सदुपयोग’ कह सकते हैं।

आज सभी कार्य करीब करीब धन से ही होते हैं। धन सभी को पता है की धन अत्यंत बलशाली है। पूरा संसार धन के हेर फेर में ही रहता है। धन यदि न हो तो पूरा बाजार सुनसान पड़ जायगा। और मंदिर धर्मशालांए तथा मस्जिद दिखाई नहीं पड़ेंगे । यदि धन का आभाव होगा तो बड़े बड़े भवनों और राजमार्गों का नामो निशान नहीं होगा। संक्षेप में हम कह सकते हैं कि एक तरह से पुरे संसार के सारे काम बंद हो जायेंगे ।

धन के के आभाव से मनुष्य का कोई भी काम पूरा नहीं हो सकता। मनुष्य का जीवन एक तरह से धन पर ही निर्भर है। यदि किसी मनुष्य के पास धन है तो ही वह अच्छे कपड़े पहन पायेगा तथा अच्छा पौष्टिक भोजन कर पायेगा।

धन एक ऐसी चीज है, कि इसके बिना मनुष्य को अपनी इक्षा का फल कभी नहीं मिल सकता और उनके लिए जीवन-बसर करना भी बहुत कठिन हो जायगा है, इस लिए प्रत्येक मनुष्य का परम कर्तव्य है कि वह धन के हित कर तथा अमूल्य वस्तु की रक्षा और मितव्ययिता पर सबसे अधिक ध्यान दें। मनुष्य को पता नहीं कि उसके ऊपर कब, कौन सी आपदा या संकट आ जाए, जिसके कारण उसे धन की आवश्यकता मनुष्य को पड़ जाए।

इसलिए हर मनुष्य को ध्यान देना चाहिए कि वह थोड़ा-बहुत धन अवश्य बचाकर रखे। इसका मतलब यह नहीं कि मनुष्य भूखा रहकर, उल्टा सीधा करके और कंजूसी करके धन बचाकर रखें। बल्कि भोजन, वस्त्र एंव अन्य जरूरी चीजें खरीदने के बाद जो धन शेष बच जाता है उसे बचाकर रखे। और उसे व्यर्थ में नष्ट न करें। किसी कवि ने इस विषय में ठीक ही कहा है-

‘मनि न नीति है गलति, जो बन रखिए जोड।
खाए खर्चे जो बचे, तो जोरिए करोड़।’
ह गरब अनरदधचरय ज महरज
आज तक ह गरब अनरदधचरय
तक ह गरब अनरदधचरय ज

धन का सदुपयोग कैसे करें?

जो मानव ने धन का सही उपयोग करते हैं, वे हमेशा सुख पूर्वक जीवन यापन करते हैं। उन्हें धन के अभाव का कष्ट नहीं झेलना पड़ता है। धन का सदुपयोग करने वाला मनुष्य ही समय पर सामाजिक कार्यों में हाथ बांट सकता है।

हम में से यह कौन नहीं जानता है, की विद्या सर्वोत्तम धन है लेकिन भी यदि धन का गलत उपयोग किया जाए तो इसका अवश्य ही बुरा परिणाम निकलेगा। जो मनुष्य अपने धन का दुरुपयोग करता है, वह कभी भी सुखी नहीं रह सकता।

उसका परिणाम यह होगा कि वह सदा धन प्राप्त करने में लगा रहेगा और इस पर भी उसकी आवश्यकतांए कभी पूरी नहीं होंगी। संसार में ऐसे बहुत से उदाहरण मौजूद हैं कि जो आदमी पहले बड़े धनवान थे, परंतु धन का दुरुपयोग करने के कारण इतना निर्धन / गरीब हो गए कि उन्हें खाने तक को लाले पड़ गए है ।

फिर भी धन बड़े काम की वस्तु है, और इसमें कुछ बुराइयां भी मौजूद हैं – यदि धन की अधिक चाहत हो जाती है तो मनुष्य लालची हो जाता है। वह धन प्राप्त करने के लिए अच्छे अच्छे मनुष्य को भी धोखा देने लग जाता है। कभी-कभी तो वह धन-प्राप्ति के लिए मनुष्य के प्राण लेने तक के लिए भी उत्तारू हो जाता है। विद्या का महत्व पर निबंध in Hindi

धनवान मनुष्य को हमेशा चाहिए कि वह अपने परिवारों पर भी धन का सही प्रयोग करना चाहते है । और शेष धन को अपने सार्वजनिक कामों में खर्च कर देना चाहते है , जिससे कि जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। यदि कोई भी मनुष्य आज धन हीन है तो कुछ समय के बाद वह धनवान हो सकता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए।

धन का सदुपयोग कितने तरह से करें?

संसार में ऐसे ही अनेक उदाहरण पड़े हैं कि बड़े से बड़े धनी लोगों ने दूसरे के हित के लिए कुछ नहीं किया और उसका धन बेकार में नष्ट हो गया। वहीं पर उनसे कम धनी आदमी परंतु बुद्धिमान आदमी ने दूसरों के लिए अपना धन हमेशा खर्च करते रहे। विद्या का महत्व पर निबंध in Hindi को भी पढ़े

धन का क्या महत्व है?

उदार और धार्मिक स्वभाव के धनी आदमियों की कृपा से कई निर्धन विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। और रोग-पीडि़तों को दवाएं तथा अनाथों को आश्रय भी मिल रहा है।आज के युग में धन संग्रह की आवश्यकता क्यों बढ़ गई है?

आशा करता हूं कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप धन संबंधी उपयोगिता यानी धन का सदुपयोग किस प्रकार से करना है, उसको जान गए होंगे, यदि आपको यह पोस्ट अच्छा लगा, तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और पोस्ट के अंदर कोई कमी रह गई है, तो हमें कमेंट करके जरूर अगाह करें ,ताकि मैं सुधारने का प्रयास कर सकूं धन्यवाद

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