सभी सरकारी बैंकों में निवेश के अच्छे मौके, बस भरने के पहले अपनी सीट पकड़ लें : मधु केला

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सभी सरकारी बैंकों में निवेश के अच्छे मौके, बस भरने के पहले अपनी सीट पकड़ लें : मधु केला, good opportunities for investment in government banks

2015 में आरबीआई के दखल के बाद बैंकिंग सेक्टर की सफाई शुरू हुई थी । पिछले 8 वर्षों के दौरान बैंकिंग सेक्टर में बहुत बड़ी मात्रा में एनपीए की सफाई हुई है। इसके लिए सभी सरकारी बैंकों ने इस अवधि में 12.9 लाख करोड़ रुपए की प्रॉविजनिंग हासिल की है

हम सभी को PSU बैंकों में आगे बड़ा कंसोलीडेशन होता नजर आ सकता है। पहले 32 सरकारी बैंक होते थे। पर अब सिर्फ 12 रह गए हैं। अगर सरकार अपने गाइडेंस के हिसाब से काम करती रही तो अगले 3 साल में 10 सरकारी बैंक ही रह जाएंगे

सभी सरकारी बैंकों में निवेश के अच्छे मौके good opportunities for investment in government banks

MK Ventures के मुख्य फाउंडर और भारत के जाने-माने निवेशक में गिना जाने वाला मधु केला ने CNBC-TV18 के साथ सरकारी और सभी निजी बैंकों के प्रदर्शन और सेक्टर में अभी तक हुई एनपीए की सफाई पर बात करते हुए कहा कि मैं हमेशा सही मौके / समय को देखते हुए अपना अच्छा दांव जल्दी खेलने के पक्ष में रहता हूं।

बस में भीड़ बढ़ने के पहले ही अपनी सीट पकड़ लेने में ही भलाई होती है। अगर आप सभी बैंकों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले 3 वर्षों में प्राइवेट बैंकों ने 23 % निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, पर अगर सरकारी बैंकों पर नजर डाला जाए तो इन्होंने एक बास्केट के तौर पर सपाट प्रदर्शन किया है। इसकी वजह से एबीआई का अच्छा प्रदर्शन रहा है।

अगर आप बैंकिंग सेक्टर की बड़ी पिक्चर पर भी नजर डालें तो 2015 में आरबीआई के दखल के बाद बैंकिंग सेक्टर की सफाई शुरू हुई थी । पिछले 8 वर्षों के दौरान बैंकिंग सेक्टर में बड़ी मात्रा में एनपीए की सफाई हुई है।

इसके लिए सभी सरकारी बैंकों ने इस टाइम में 12.9 लाख करोड़ रुपए की प्रॉविजनिंग हासिल की है। वहीं, पर इसी अवधि में इनका कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट 12.4 लाख करोड़ रुपए तक रहा है। इस प्रकार देखें तो सरकारी बैंकों को ऑपरेटिंग प्रॉफिट लेवल पर 50,000 करोड़ रुपए का घाटा भी हुआ है। ये सभी सरकारी बैंकों के पिछले 8 वर्षों के ओवरऑल एवरेज बुक का 20 % होता है।

अगर आप सभी प्राइवेट बैंकों पर नजर डालें तो इन सभी ने काफी अच्छा काम किया है। इन्होंने एनपीए की सफाई के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है एवं इन ऑपरेटिंग प्रॉफिट लेवल 8.75 लाख करोड़ रुपए है। सरकारी बैंकों में कहां बन रहे निवेश के मौके ?

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए मधु केला ने कहा कि इस समय मैं छोटे सरकारी बैंकों के पक्ष में नहीं हूं क्योंकि सभी बड़े बैंक काफी सस्ते में मिल रहे हैं। ये अपने बुक के 0.5 से 1 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में हमको बैंकिंग सेक्टर में बहुत गहरे जानें की जरूरत नहीं है। आप बडें नामों पर दांव लगाएं। good opportunities for investment in government banks

उन्होंने आगे यह भी कहा कि हमें PSU बैंकों में आगे बड़ा कंसोलीडेशन होता नजर आ सकता है। पहले 32 सरकारी bank थे। अब सिर्फ 12 ही रह गए हैं। अगर भारत सरकार अपने गाइडेंस के हिसाब से काम करती है, तो अगले 3 वर्ष में 10 सरकारी बैंक ही रह जाएंगे।

ऐसे में पहले ही काफी कंसोलीडेशन हो चुका है। अगर आप इनमें से टॉप थ्री पीएसयू बैंकों को चुनें, तो मैं इनमें से सबसे बेहतर नामों के पक्ष में ही जाना पसंद करूंगा।good opportunities for investment in government banks

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