ITR Filing 2022: मरने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न का क्या होता है?

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ITR Filing 2022: मरने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न का क्या होता है? कौन भरेगा? क्‍यों जरूरी है- जानिए आपके लिए काम की बात, INCOME TAX, INCOME TAX RETURN, ITR, ITR FILING, INCOME TAX DEPARTMENT

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ITR Filing 2022: इनकम टैक्स रिटर्न (Income tax return) भरने की DATE करीब आ रही है. इसे लेकर अक्सर कई तरह के क्वेश्चन मन में होते हैं. इनकम टैक्स के मामलों में नियमों की अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है.

ITR Filing 2022: मरने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न का क्या होता है?

ITR Filing 2022: इनकम टैक्स रिटर्न (Income tax return) भरने की Date करीब आ रही है. इसे लेकर अक्सर कई तरह के क्वेश्चन मन में होते हैं. इनकम टैक्स के मामलों में नियमों की अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है. इसी प्रकार की एक नियम मृत व्यक्ति के लिए भी होता है. मरे हुए व्यक्ति का भी इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है. आपको सुनने में शायद थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन मारा हुआ व्यक्ति का भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR file for Deceased Person) फाइल होता है.

कानूनी उत्तराधिकारी कर सकता है ITR File

इनकम टैक्स नियमों (Income tax rules) के अनुसार, मरे हुए व्यक्ति की अगर कोई इनकम हुई है, तो उसका भी रिटर्न (ITR return) भरना जरूरी है.इस प्रकार के मामलों में कानूनी उत्तराधिकारी इनकम टैक्स रिटर्न (How to file Income tax return) फाइल कर सकता है. रूल्स के साथ-साथ कानूनी वारिस का यह फर्ज है, कि वह मरे हुए व्यक्ति का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें.

किसे मिलता है ITR Refund?

टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा के अनुसार, मृत व्यक्ति का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले कानूनी वारिस को उत्तराधिकारी के रूप में खुद को रजिस्टर्ड भी करना होता है. घर बैठे ही यह प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है. कानूनी उत्तराधिकारी के लिए यह आवश्यक है, कि वह उस दिन तक के मृतक (मरे हुए व्यक्ति ) के ITR दाखिल करे, जब तक वह जीवित था. उसे टैक्‍स का भी भुगतान करना होगा और वह रिफंड भी क्‍लेम कर सकता है.यह अच्छी बात है।

नहीं किया ITR फाइल तो क्या?

कानूनी उत्तराधिकारी डीम्ड असेसी होता है इसलिए अगर वह रिटर्न फाइल नहीं करने का ऑप्शन यदि चुनता है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्रवाई को उसी तरह आगे भी बढ़ाएगा, जैसा कि मृतक के जीवित रहने पर किया जाता था।

कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • आप https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं.
  •  आप अपने क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें और MY ACCOUNT पर क्लिक करें.
  • और खुद को एक प्रतिनिधि के रूप में रजिस्टर करें.
  • उसके बाद मृतक की तरफ से न्‍यू रिक्‍वेस्‍ट पर Click करें और आगे बढ़ें.
  •  फिर मृतक का पैन कार्ड, मृतक का पूरा नाम और मृतक के बैंक खाते का विवरण भरें.
  •  तथा आपकी रिक्‍वेस्‍ट अप्रूव होने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS मिलेगा.

रजिस्ट्रेशन के बाद मृतक का ITR कैसे फाइल करें?

  • आप खुद को कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में रजिस्टर्ड करने के बाद ITR फॉर्म वेबसाइट से डाउनलोड करें.
  • और आप ध्यान रखें, सारी डीटेल्स भरने के बाद, फॉर्म की XML फाइल जेनरेट होनी चाहिए, क्योंकि सिर्फ XML फॉर्मेट में ही इसे अपलोड किया जा सकता है.
  • आप पैन कार्ड की डीटेल्स वाले ऑप्शन में कानूनी उत्तराधिकारी को अपनी डीटेल्स देनी होंगी. ITR फॉर्म नाम और असेसमेंट ईयर का ऑप्शन सेलेक्ट करें.
  • फिर XML फाइल अपलोड करने और डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने के बाद, फॉर्म सब्मिट हो जाएगा.

मृतक की इनकम कैसे कैलकुलेट होती है?

एक्सपर्ट के अनुसार, मृत व्यक्ति के इनकम की कैलकुलेशन करने का प्रोसेस बिल्कुल वैसे ही है, जिस प्रकार सारी कटौती और छूट के बाद सामान्य रूप से इनकम कैलकुलेट की जाती है. यहां अंतर बस इतना होता है, कि पूरे साल के बजाए सिर्फ उस तिथि तक इनकम कैलकुलेट होती है, जब तक वह व्यक्ति जीवित था.

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