Loan क्या है | Loan के प्रकार और Loan कैसे ले?

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इसी प्रकार बहुत ही telemarketing calls आपके पास भी जरुर आते होंगे, जो की सच में काफी ही irritating होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं, की आखिर यह Loan क्या होता है? क्यूँ यह अब इतने आसानी से प्रदान किया जा रहा है? Loan के अलग अलग प्रकार होते हैं? यदि आपके मन में भी यह सभी प्रश्न उमड़ रहे हैं तब आपको यह आर्टिकल लोन क्या होता हैं (What is loan in Hindi) आपको पूरी तरह से जरुर पढना चाहिए क्यूंकि इससे loan को बेहतर रूप से समझने में आपको आसानी होगी.

जब कभी भी Loan का ख्याल आता है, तब आपके मन में Banks का चित्र तो जरुर ही उभर के आता है. और हो भी क्यूँ न ऐसा, आज के टाइम में यदि आपको Loan चाहिए होता है तो आपको Banks के पास ही जाना पड़ता है।

Loan को अगर हम आसान एवं सरल भाषा में समझा जाय तो यह कोई भी वस्तु हो सकती है, लेकिन भी मुख्य रूप से इसमें पैसों को ही महत्त्व दिया जाता है, उसे किसी दुसरे व्यक्ति से लिया गया होता है, वहीँ इसे लौटाते वक़्त मूल धन के साथ ब्याज को भी लौटना पड़ता है, लोन कहलाता है.

यूँ कहा जाय तो यह एक ऐसा act या कार्य होता है, जिसमें की पहले किसी जरूरत मंद आदमी को पैसे, property या कोई दूसरा material goods को प्रदान किया जाता है, वहीँ पर फिर भविष्य में जब उस व्यक्ति से वह धन वापस लिया जाता है तब उसे मूल धन के साथ साथ उसका interest या ब्याज और दुसरे finance charges भी लौटना पड़ता है. बस इसी amount को ही हम सभी loan amount कहते है.

Loan देना या loaning का मतलब यह होता है, एक व्यक्ति जिसके पास धन है, वह किसी दुसरे individual या entity को वह धन प्रदान कर रहा होता है. यह किसी भी Bank या NBFC (Non-Banking Financial Company) का सबसे प्रमुख primary financial product होता है, जो की वह आम लोगों को offer करते हैं।

वैसे तो देखा जाए Loan के विषय में सभी को थोडा बहुत जरूर पता ही होता है, लेकिन आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप सभी लोगों को लोन क्या होता है in hindi और इसके कितने टाइप होते हैं, के विषय में पूरी जानकारी प्रदान किया जाए . तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते हैं.

Table of Contents

लोन क्या है? – What is Loan in Hindi

Loan kya hai

Loan हमारे जीबन को मुसीबत में आसान बनता है. आज के टाइम में लोन का direct connection Banks से होता है. ऐसा शायद इसलिए क्यूंकि Banks ही वह  financial institutions होते हैं, जो की आप Interest के साथ Loans प्रदान किया करते हैं. वहीँ वह बहुत ही safe और secure तरीके से आपको जल्दी में  ही Loans प्रदान करते हैं.

यदि आप अभी तब तक कभी Loan नहीं ली है, तब शायद आपको इसके महत्व के विषय में ज्यादा नहीं पता होगा!

क्यूंकि जब पैसों की बहुत अधिक जरुरत होती है, जैसे- की किसी बड़े बीमारी/रोग का इलाज करने के लिए, बच्चों की शादी के लिए, घर बनाने में या आपके बच्चों की शिक्षा के लिए, तब ऐसे जरुरत के समय में Loans ही एकमात्र उनका सहारा बनकर खड़े होते हैं, क्यूंकि इतनी बड़ी रकम अन्य किसी के पास भी होना बहुत ही कष्ट है, वहीँ पर दोस्त हो या रिश्तेदार हो उनसे इतने बड़े अमाउंट माँगा भी नहीं जा सकता है. अब सिर्फ Bank से loan लेने का ही एक मात्र रास्ता बचा हुआ होता है.

Loans जरुरत के टाइम पर एक बहुत ही उपयोगी चीज़ होती है, वहीँ पर अगर आप उसे वापस करने में असक्षम हैं तब इससे तो आपको दूर ही रहना सबसे बढ़िया बात होगी.

लोन के अंग क्या होते हैं?

Loan के मुख्य रूप से तीन अंग (components) होते हैं, जो इस प्रकार हैं

  1. Principal या borrowed amount या Loan में लिया गया amount है। 
  2. Rate of interest या ब्याज का दर। 
  3. Loan का duration या कब तब के लिए आपने loan लिया हैं। 

जब कभी भी आप किसी से loan लेते हैं फिर चाहे वो bank हो, कोई financial institution हो या फिर कोई व्यक्ति हो, तब जो भी amount आप उनसे लेते हैं उसे ही (Principal Amount या Loan amount) कहा जाता है. यह तो वो मूल धन होते है जिसे की वापस लाना होता है वही इसके साथ ब्याज भी.

अब बात करते हैं Rate of Interest की, यह वो ब्याज दर होता है जो की Principal amount में add हो जाता है जैसे -जैसे समय बीतता है. वैसे कोई आपको बिना interest के तो पैसे नहीं देगा इस लिए जो भी interest (ब्याज) आपके loan amount के साथ जुड़कर आता है आखरी में जब आप loan वापस करने जाते हैं उसे ही rate of interest amount कहा जाता हैं।  

अब आप जानते हैं loan का duration क्या होता है, जैसे की आप किसी से loan लेते हैं तब वो आपको कभी भी न लौटाने का वादा तो नहीं करेगा बल्कि वो आपके सामने एक समय- सीमा रखता है जिसके अन्दर आपको उसका पैसा वापस लौटना होता है, इसे ही (Loan duration) कहा जाता है.

लोन की श्रेणी

Loans को broadly दो category में बांटा जाता है जो पहला हैं secured और दूसरा है unsecured

चलिए तो अब Loans के categories के विषय में जानते हैं : –

  1. Secured :– एक secured loan उस loan को कहते हैं जो की backed होता है collateral या security से वो भी assets के form में जैसे की property, gold, fixed deposits और PF (Provident Fund)।

उदाहरण के लिए, अगर आपने एक home loan या एक auto loan लिया है , तब एक lien create किया जाता है आपके property में और उसे आप sell नहीं कर सकते हैं तब तक जब तक की आपने entire loan amount को repay नहीं कर देते हैं और अपने घर और vechile की sole ownership को claim कर सकते हैं.

  1. Unsecured :– एक unsecured loan उस loan को कहते हैं जो की एक प्रकार का personal loan होता है और जिसे कोई भी collateral, security या guarantee की जरुरत ही नहीं होता है और इसे आपके जरूरतों को पूर्ण करने के लिए लिया जा सकता है।

इन loans को bank या NBFC आपको बिना कोई security के ही प्रदान करती हैं, और साथ में यह केवल आपके CIBIL Score और personal track records को ही देखती हैं.

लोन के प्रकार :– Types of Loan in Hindi

चलिए अब समझते हैं की भारतीय लोग किस प्रकार के loans को अधिक लेना पसदं करते हैं :-

  • Home Loan – Unsecured.  
  • Car Loan – Unsecured. 
  • Education Loan – Secured. 
  • Personal Loan – Secured. 
  • Business Loan – Unsecured. 
  • Gold Loan – Unsecured. 

1. Personal Loan

पर्सनल लोन (Personal Loan) एक अन-सिक्योर्ड लोन होता हैं , यानि कि इसके लिए उधारकर्ता को कोई गारंटी/ सिक्योरिटी जमा करने या कुछ गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। इस लोन की भुगतान समय आमतौर पर 1 से 5 साल के बीच होती है। होम लोन या कार लोन के विपरीत, इस लोन का उपयोग किसी भी तरह की ज़रूरत को पूरा करने के लिए किया जा सकता है जैसे, मेडिकल इमरजेंसी, पढ़ाई के खर्चे , ट्रेवल और शादी आदि।

एक Personal Loan उस loan को कहा जाता हैं जिसे की avail किया जाता है individuals के द्वारा उनके जरूरतों के हिसाब से. यह loan तब अधिक काम आते हैं जब आपके सामने unexpected expenses खड़े हो जाते हैं. इन loan को usually bank या कोई एक a non-banking financial company (NBFC) से लिया जा सकता है.

पर्सनल लोन की विशेषताएँ और फायदा 

  • लोन बिना कुछ गिरवी रखे मिलेगा। 
  • 40 लाख रु. तक का लोन मिल सकता है, और भी बढ़ सकता है लेकिन बैंक पर निर्भर करता है। 
  • किसी भी काम के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। 
  • भुगतान अवधि 5 साल तक होगी, बढ़ भी सकती है। 
  • न्यूनतम कागज़ी कार्यवाही। 
  • लोन राशि का तुरंत ट्रांस। 

पर्सनल लोन की योग्यता शर्तें

पर्सनल लोन (Personal loan) लेने के लिए आपको निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना होगा। 

  • उम्र:- आवेदक की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष होनी चाहिए। 
  • क्रेडिट स्कोर:- 750 या ज़्यादा। 
  • सैलरी:- नौकरीपेशा लोगों की न्यूनतम सैलरी 15000 रु. प्रति माह होनी चाहिए। 
  • आय:- –गैर- नौकरीपेशा ग्राहकों के लिए कम से कम 5 लाख रु. प्रति वर्ष। 
  • स्थिर रोज़गार:- कुल कार्य अनुभव 2 वर्ष जिसमें से 1 वर्ष से एक ही नौकरी में होना चाहिए। 
  • बिज़नेस की निरंतरता:- गैर- नौकरीपेशा प्रोफेशनल कम से कम 2 साल से बिज़नेस चला रहे हों। 
  • रोज़गार का प्रकार:- प्रतिष्ठित संस्थानों, MNC, प्राइवेट और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों, सरकारी संस्थानों, PSU में काम करने वाले व्यक्ति ।

2. एजुकेशन लोन क्या हैं?

उच्च शिक्षा के लिए किसी बैंक या निजी संस्थान से जो लोन ले सकते है, उसे स्टूडेंट लोन या एजुकेशन लोन भी कहा जाता है। इस लोन को ले कर कोई भी छात्र अपनी उच्च शिक्षा का सपना पूरा कर सकता है। बैंको द्वारा एजुकेशन लोन देश और विदेश दोनों के लिए दिया जाता हैं।

एजुकेशन लोन के फायदें 

वक्त बदलने के साथ शिक्षा महंगी होती जा रही है और उच्च शिक्षा भी इससे अछूती नहीं है। इस लिए आम भारतीय परिवारों के लिए विदेशी धरती पर जाकर उच्च शिक्षा लेना काफी मुश्किल हो गया है। ऐसे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्त संस्थान अनेक तरह के एजुकेशन लोन के साथ आगे आए हैं। यहां एजुकेशन लोन लेने के कुछ फायदों के बारे में बताया जा रहा है:

  • एजुकेशन लोन आपकी बचत को कम नहीं होने देती हैं। इनके साथ आप अपनी बचत को भविषय के कामों जैसे रिटायरमेंट और शादी आदि के लिए सुरक्षित रख पाते हैं। 
  • एजुकेशन लोन आमतौर पर शिक्षा पर हुए कुल खर्चे का 90 फीसदी तक वहन कर लेते हैं। इस खर्चे में ट्यूशन फीस, किताबें, यात्रा, प्रोजेक्ट, लाइब्रेरी, यूनिफॉर्म, परीक्षा का खर्चा आदि शामिल होता है। 
  • एजुकेशन लोन का प्रबंधन छात्रों में पैसों को लेकर अनुशासन का संचार करता हैं। 
  • आप ब्याज पर असीमित टैक्स कटौती की घोषणा कर सकते हैं। जिसको आपने आयकर एक्ट के सेक्शन 80 ई के अंतर्गत 8 वर्षो तक भुगतान किया है। 

3. Home loan

होम लोन अनेक तरह के होते हैं और उनकी शर्तें भी अलग-अलग होती हैं। इसी तरह होम लोन की ब्याज दरें भी एक दूसरे से अलग होता हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि होम लोन क्या है, (Home Loan kya Hai), होम लोन कैसे ले सकते हैं (Home Loan Kaise Milega), और कम इंटरेस्ट रेट पर लोन कैसे मिलेगा (Home Loan on Low Interest rates) और बैंक क्यों किसी की होम लोन एप्लीकेशन को स्वीकार और अस्वीकार करता हैं।

घर खरीदना या बनाना सभी भारतीयों का एक बहुत बड़ा सपना होता है, वही वो इसे जरुर से पूरा भी करना चाहते हैं. ऐसे में घर बनाने में जमा की पूरी पूंजी का बलिदान हो जाता है वही कभी -कभी यह कम भी पड़ जाता है. ऐसे में अगर सपने को पूरा करना है तब हमें Home Loan लेने का ही रास्ता नज़र आता हैं.

एक home loan को आप अपने नए घर खरीदने के लिए, उसका renovation करने के लिए, जमीन खरीदने के लिए भी इत्यादि के लिए ले सकते हैं.

Home Loan:- योग्यता शर्तें

होम लोन की योग्यता शर्तें) बैंक/ लोन संस्थान और लोन योजनाओं के मुताबिक अलग- अलग होता हैं। हालाँकि, कुछ सामान्य होम लोन योग्यता शर्तें निम्नलिखित हैं:-

  • राष्ट्रीयता:- आवेदक भारतीय निवासी, अनिवासी भारतीय (NRI) और भारतीय मूल का व्यक्ति (PIO) होना चाहिए। 
  • क्रेडिट स्कोर:- 750 या उससे अधिक। 
  • आयु सीमा:- 18 – 70 वर्ष। 
  • कार्य अनुभव-: कम से कम 2 वर्ष (नौकरीपेशा के लिए) 
  • बिज़नेस कितना पुराना है:- कम से कम 3 वर्ष (गैर- नौकरीपेशा के लिए) 
  • न्यूनतम सैलरी:- कम से कम 25,000 रुपयह प्रति माह (यह हर बैंक/ लोन संस्थानों में अलग- अलग होती है) .  
  • लोन राशि:- प्रॉपर्टी वैल्यू की 90% तक। 

इनके अलावे, होम लोन की योग्यता शर्तें इस पर भी निर्भर करती हैं कि आप किस प्रकार की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं और कहाँ खरीद रहे हैं।

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होम लोन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ :-

  • पहचान प्रमाण:- पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस (किसी एक की फोटोकॉपी) . 
  • आयु प्रमाण:- आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, 10 वीं कक्षा की मार्कशीट, बैंक पासबुक और ड्राइविंग लाइसेंस (किसी एक की कॉपी)
  • निवास प्रमाण:- बैंक पासबुक, वोटर आईडी, राशन कार्ड, पासपोर्ट, यूटिलिटी बिल (टेलीफोन बिल, बिजली बिल, पानी का बिल, गैस बिल) और LIC पॉलिसी रिसीट (किसी एक की कॉपी). 
  • आय प्रमाण (नौकरीपेशा के लिए):- फॉर्म 16 की कॉपी, हाल ही की सैलरी स्लिप, पिछले 3 वर्षों के आईटी रिटर्न (ITR) और इंवेस्टमेंट प्रूफ (यदि कोई हो) . 
  • आय प्रमाण (गैर- नौकरीपेशा के लिए):- पिछले 3 वर्षों का इनकम टैक्स रिटर्न, बैलेंस शीट और कंपनी/ फर्म के प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट स्टेटमेंट, बिज़नेस लाइसेंस की जानकारी और बिज़नेस के पते का प्रमाण। 
  • प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज़:- सोसायटी / बिल्डर से NOC, घर के निर्माण में होने वाले खर्च का विस्तृत अनुमान, रजिस्टर्ड सेल एग्रीमेंट, अलॉटमेंट लैटर और बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी की कॉपी। 

4. Car loan या Vechile Loan

एक बढ़िया सा car या गाड़ी की चाहत सभी हो होती है लेकिन बहुत समय में उसे खरदने के लिए हमारे पास पर्याप्त धन राशि नहीं होती है. वैसे तो गाड़ी खरीदना एक स्वाभिमान की बात मानी जाती है वही इसके बहुत से advantages भी होते हैं जैसे की यह आपको transportation की flexibility प्रदान करती है, आपकी convenience और functionality को भी बढाती है.

ऐसे में अगर आप एक car loan लेना चाहते हैं तब आप बहुत आसानी से यह ले सकते हैं क्यूंकि ऐसे बहुत से banks हैं जो की car loans offer करती है वो भी attractive interest rates में दुसरे benefits के साथ. वही यदि आप एक साथ repay नहीं करना चाहते हैं तब आप EMIs का option ले सकते हैं loan चुकाने के लिए.

कार लोन के फायदा और विशेषताएं

कोई भी व्यक्ति जिसका सपना कार खरीदने का होता है वह कार लोन के साथ अपने सपने को पूरा कर सकता है। 

  • आप किसी भी प्रकार की कार खरीदने के लिए यह लोन ले सकते हैं। 
  • नई कार खरीदने के लिए, पुरानी का खरीदने के लिए या अपनी पुरानी कार को गिरवी रखकर भी नई कार खरीदने के लिए यह लोन ले सकते है। 
  • आप अपनी कार का दाम का 85% से 100% तक लोन ले सकते है। 
  • अगर कोई ऋणदाता कार की कीमत का पूरा 100 फीसदी ऋण देता है तो आपको जीरो डाउन पेमेंट देना होता है। 
  • इस लोन की लोन समय आमतौर पर 1 वर्ष से 7 वर्ष तक हो सकती है। 
  • कार लोन एक सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में आता है जिसमे कार ही संपार्श्विक का कार्य करती हैं। 
  • आप इस लोन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से आवेदन कर सकते हैं । 
  • लोन लेने के लिए आपको कई प्रकार के फीस देने होते है जिनके बारे में विस्तार से इस आर्टिकल में जानकारी दी गई है। 
  • आप अपने लोन का पूर्व-भुगतान भी कर सकते है जिससे ऋण का बोझ बहुत कम होता है,

पुराना कार ऋण की तुलना में नई कार ऋण की ब्याज दर कम होती है। 

  • अगर आप बैंक के मौजुदा ग्राहक है तो आप बैंक के Car Loan Offers का लाभ ले सकते है। 
  • अगर आपको अतिरिक्त धन की जरूरत होती है तो आप अपने मोजुदा कार लोन पर टॉप-अप लोन का लाभ भी ले सकते है। 

Car Loan Eligibility

कार लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपको यह चेक कर लेने चाहिए की आप उस लोन के लिए पात्र है या नहीं। 

अलग- अलग बैंक में यह पात्रता अलग अलग प्रकार से हो सकती है. कुछ सामान्य पात्रता इस प्रकार है:-

कोई भी वेतन भोगी या स्व-नियोजित व्यक्ति इस लोन का फायदा ले सकता है। 

आवेदक की उम्र 18 वर्ष से 75 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 

  • ग्राहक की मासिक आय कम से कम 20,000 रूपयह होनी चाहिए। 
  • आपके पास सभी जरुरी डॉक्यूमेंट होने चाहिए। 

आवेदक का सिबिल स्कोर अच्छा होना चाहिए। 

कार लोन के लिए डॉक्यूमेंट:-

लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपके पास भी जरुरी डॉक्यूमेंट होने चाहिए ताकि बैंक जब भी आपसे दस्तावेज

मांगे तो आप उसे तुरंत उन्हें सारे डॉक्यूमेंट दिखा सकें. अलग -अलग बैंक में यह डॉक्यूमेंट अलग -अलग प्रकार से होते है.

कुछ सामान्य डॉक्यूमेंट इस प्रकार है:-

  • पहचान प्रमाण:- पासपोर्ट/आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड.

एड्रेस प्रूफ:- उपयोगिता बिल/पासपोर्ट/आधार कार्ड /ड्राइविंग लाइसेंस / राशन कार्ड.

  • आय का प्रमाण:-फॉर्म 16 यदि आप वेतन भोगी हैं तो वेतन पर्ची। 
  • नवीनतम आयकर रिटर्न बैंक स्टेटमेंट छः महीने पीछे जा रहे हैं।

5. Business Loan

बैंक और NBFC लोगों को बिज़नेस शुरू करने ले लिए , बिज़नेस बढ़ाने और व्यवसाय की अन्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बिज़नेस लोन (Business Loan) देते हैं। बिज़नेस लोन 2 प्रकार के होते हैं, सिक्योर्ड और अन-सिक्योर्ड लोन। सिक्योर्ड लोन के लिए आवेदकों को बैंक के पास कोई सिक्योरिटी/ गारंटी को गिरवी रखना होता है। हालाँकि, अन-सिक्योर्ड लोन के मामले में, बैंक को कोई सिक्योरिटी/ गारंटी देने की ज़रूरत नहीं होती है। बिज़नेस लोन कैसे मिलेगा और उसके लिए किन शर्तों को पूरा करना होता हैं , जानने के लिए इस लेख को अवश्य पढ़ें।

Businesses को सुचारू रूपसे चलने के लिए उसमें बहुत से investment की जरूरत होती है उनकी start-up expenditures या business extensions को pay करने के लिए. ऐसे कामों के लिए, companies को business loans लेना ही  पड़ता है. उनके financial assistance के लिए.

यह सही मायने में एक उधार ही होता है, जिसे की company को एक specific tenure के बाद लौटना होता है. इन business loans को आप अन्य बहुत से कार्यों के लिए ले सकते हैं जैसे:- की नयी firm की शुरुवात करने के लिए, business expansion के लिए, dealer और vendor को finance करने के लिए आदि.

Business Loan के लिए योग्यता शर्तें

  • बिज़नेस कब से चल रहा हो: 1 वर्ष या उससे ज़्यादा
  • मौजूदा बिज़नेस का न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रु. होनी चाहिए
  • सिबिल स्कोर: 750 या उससे ज़्यादा होनी चाहिए 
  • आवेदक का पिछले लोन डिफ़ॉल्ट का कोई रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
वह योग्य आवेदक जो लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं
  • व्यक्ति, गैर- नौकरी पेशा पेशेवर, स्टार्ट-अप और छोटे और मध्यम व्यवसाय (MSME)
  • प्राइवेट एवं पब्लिक लिमिटेड कम्पनियाँ, पार्टनरशिप फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एवं निर्माण, व्यापार या सेवा क्षेत्र की बड़ी कम्पनियाँ
  • NGO, को-ऑपरेटिव सोसाइटी, ट्रस्ट, CA, डॉक्टर, आर्किटेक्ट, कंपनी सेक्रेटरी, डिज़ाइनर, आदि।

बिज़नेस लोन के लिए ज़रूरी दस्तावेज

बिज़नेस लोन के लिए अप्लाई करते टाइम आपको निम्नलिखित दस्तावेज भी जमा करने पड़ सकते हैं:

  • आवेदक के KYC दस्तावेज जिनमें पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, यूटिलिटी बिल (बिजली/ पानी के बिल) शामिल हैं। 
  • पिछले एक साल का बैंक स्टेटमेंट। 
  • नॉन-कोलैटरल ओवरड्राफ्ट की कॉपी, अगर कोई है। 
  • बिज़नेस इनकॉर्पोरेशन की कॉपी। 
  • बैंक/ लोन संस्थान द्वारा ज़रूरी कोई अन्य दस्तावेज। 

6. Gold Loan

क्या हैं गोल्ड लोन?

गोल्ड लोन एक प्रकार का सिक्योर्ड लोन होता है, जहां लोन की राशि के लिए गोल्ड को सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखा है। गोल्ड लोन का भुगतान हो जाने तक बैंकों या गोल्ड लोन देने वाली संस्थाओं द्वारा इसे सुरक्षित लॉकर में रखे जाते है। गोल्ड आपातकालीन और अल्पकालिक होता हैं , जिसे कम टाइम के लिए दिया जाता है। यह किसी आकस्मिक जरूरत में काम आने वाला एक इमरजेंसी फंड की तरह होता है, जो लो इंटरेस्ट पर मिलता हैं। इसकी आवश्यकता हायर एजुकेशन, शादी-ब्याह, घर की मरम्मत, मेडिकल इमरजेंसी, ट्रैवल, डाउनपेमेंट आदि करने में पड़ सकता है। हाई वैल्युुएशन होने के कारण सोना बेहद कम टाइम में कैश में बदला जा सकता है। ऐसी आपात स्थिति में पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए गोल्ड लोन सबसे अच्छा विकल्प है। गोल्ड लोन सोने की प्योरिटी और वैल्यू के आधार पर मिलता है।

Gold loan एक प्रकार का secured loan होता है, वही इस loan को प्रदान किया जाता है banks के द्वारा gold colleteral के बदले में ही .

Banks प्रदान करता है borrowers को उनके जरुरत के loan लेकिन उसके बदले में वो उनके gold jewellery और coins को रख लेते हैं, वही इसे वो तब return करते हैं जब आप ली हुई पैसा लौटा दें. लेकिन इसे लेने में अधिक तकलीफ नहीं होती है.

गोल्ड लोन के फायदे (Advantage of Gold Loan in Hindi). 

गोल्ड लोन लेने के निम्न फायदे हैं :–

  • गोल्ड लोन का प्रयोग आप किसो भी प्रकार के कार्यों के लिए कर सकते हैं, अन्य सुरक्षित लोन की तरह इसमें कोई प्रतिबंध नहीं होते हैं। 
  • गोल्ड लोन में ब्याज की दरें बहुत कम रहती हैं। 
  • ख़राब क्रेडिट स्कोर पर भी गोल्ड लोन मिल जाते है। 
  • गोल्ड लोन आपकी वित्तीय स्थिति सँभालने में बहुत महत्वपूर्ण होते है। 
  • गोल्ड लोन अक्सर जल्दी और आसानी से मिल जाता हैं। 
  • गोल्ड लोन में आपको ज्याद दस्तावेजों की जरुरत नहीं पड़ती है। 

गोल्ड लोन के नुकसान (Disadvantage of Gold Loan in Hindi)

गोल्ड लोन लेने के निम्न नुकसान भी होते हैं:- 

  • अगर आप लोन नहीं चुका सकते हैं तो आपको अपने गहनों से हाथ धोना पड़ सकता है। 
  • अगर आप टाइम पर लोन की किश्त नहीं भरते हैं तो बैंकों और वित्तीय संस्थानों के द्वारा आप पर अतिरिक्त शुल्क जुर्माने के तौर पर लग सकता है। 
  • ऋणदाता आमतौर पर आपके गिरवी रखे सोना का कम ही % आपको लोन के रूप में देता हैं। 
  • गोल्ड लोन आमतौर पर ज्यादा समय अवधि के लिए नहीं दिए जाते हैं, आप अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए गोल्ड लोन ले सकते हैं.

गोल्ड लोन लेने के लिए योग्यता (Eligibility for Gold Loan) . 

सोने या गहनों पर लोन लेने के लिए आप सबसे पहले जाँच कर लें कि क्या आप गोल्ड लोन लेने के लिए योग्य हैं. अक्सर सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में गोल्ड लोन लेने की कुछ बुनियादी योग्यता निम्न प्रकार से हैं: –

  • लोन लेने वाले की नागरिकता भारतीय होनी चाहिए।    
  • लोन लेने वाले व्यक्ति की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। 
  • उधारकर्ता के पास सोना या सोने के आभूषण होने चाहिए। 
  • गिरवी रखे जाने वाले सोने की शुद्धता 18 कैरेट होनी चाहिए। 

यह कुछ प्राथमिक योग्यता थी गोल्ड लोन लेने की हालांकि कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में कुछ ज्यादा मानदंड हो सकते हैं इसलिए आप सम्बंधित बैंक या वित्तीय संस्थाओं से पता कर सकते है। 

गोल्ड लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Document for Gold Loan in Hindi):-

गोल्ड लोन लेने के लिए आपको निम्न दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है :–

  • आवेदन फॉर्म। 
  • निवास प्रमाण पत्र। 
  • पहचान पत्र। 
  • फॉर्म 60 या पैन कार्ड। 
  • उम्र प्रमाण पत्र। 
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो। 

7. TERM LOAN

Term loan उन loan को कहा जाता है जो की मुख्य रूप से business purposes के लिए लिये जाते है और उन्हें एक specified time frame के भीतर वापस भी कर देना होता है। 

  1. इसमें typically एक fixed interest rate होता है, जिसे की monthly या quarterly repayment schedule में वापस करना होता है – और इसमें एक maturity date भी पहले से set की गया होता है. यह एक secure type का loan होते है। 
  2. एक secured term loan का usually lower interest rate होता है एक unsecured की तुलना में। 

टर्म लोन योग्यता शर्तें – बिज़नेस लोन

  • योग्यता शर्त:- लोन आवेदन के समय आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए और लोन मैच्योरिटी के समय अधिकतम आयु 65 वर्ष होनी चाहिए। 
  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। 
  • आवेदक का क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए। 
  • आवेदक को आय का नियमित स्रोत बनाए रखना चाहिए।   

आवश्यक दस्तावेज़:-

  • पासपोर्ट साइज़ फोटो। 
  • बिज़नेस प्लान। 
  • भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म। 
  • केवाईसी दस्तावेज (पहचान, पता और आयु प्रमाण) – पासपोर्ट, पैन कार्ड , आधार कार्ड , वोटर आइडी, ड्राइविंग लाइसेंस, उपयोगिता बिल (बिजली, टेलीफोन या पानी), आदि।
  • बिज़नेस एड्रेस प्रूफ: प्रॉपर्टी के कागजात, रेंट एग्रीमेंट या लीज डॉक्यूमेंट। 
  • आय प्रमाण: पिछले 6 महीने की सैलरी स्लिप। 
  • CIBIL रिपोर्ट, यदि लोन संस्थान द्वारा आवश्यक हो। 
  • पिछले 12 महीने का बैंक स्टेटमेंट। 
  • आईटीआर, सेल्स टैक्स रिपोर्ट, पिछले 2 वर्षों का लाभ और हानि स्टेटमेंट। 
  • लोन देने वाले संस्थान द्वारा आवश्यक कोई अन्य दस्तावेज। 

टर्म लोन के 5 टॉप 5 फायदे व नुकसान

फायदे नुकसान
कम ब्याज दरें ग्राहक पर लम्बे वक्त के लिए लोन व ईएमआई का बोझ
ज्यादा  लोन राशि ज्यादा CIBIL / क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता
59 मिनट के अंदर लोन स्वीकृति गारंटर की आवश्यकता है। 
लम्बी पुनर्भुगतान समय  व्यापार की ज्यादा मात्रा और विंटेज
तुरंत लोन राशि ट्रान्सफर लोन के लिए व्यवसाय स्थिर और लाभ में होना चाहिए। 
अन-सिक्योर्ड बिज़नेस लोन के लिए कोई कोलेटरल ( गिरवीं ) आवश्यक नहीं है।  गारंटी/ सुरक्षा देनी होती है – टर्म लोन ज़्यादातर सिक्योर्ड होते हैं। 
चुकाया गए ब्याज पर टैक्स में कटौती मिलेगी।  लोन / ईएमआई न चुकाने पर भारी जुर्माना लगता है। 

Term Loans की वर्गीकरण। 

Long Term (<3years). 

Medium Term (1-3 years) . 

Short Term (1 year). 

Loans के प्रकार उन्हें लेने के हिसाब से। 

  1. Open-ended loans. 
  2. Closed-ended loans. 

Open-ended loans

यह उन loans को कहा जाता है जिसे की आप बार -बार ले सकते हैं. Credit cards और lines of credit सबसे common types के open-ended loans होता हैं. इन दोनों प्रकार के loans में आपके पास एक credit limit होती है जिसके against आप purchase कर सकते हैं.

प्रत्यहक बार जब आप एक purchase करते हैं, तब आपकी available credit में कमी होता है. ऐसा इस लिए क्यूंकि credit limit fixed होती है.वही जैसे जैसे आप payments करते हैं, तब आपकी credit limit भी बढती जाती है जिससे की आप वही समान credit को बार बार ले सकते हैं.

Closed-ended loans

यह उन loans को कहा जाता है जिसे आप यदि एक बार लें तब आपको उसे चुकाने के बाद ही उसे आप फिर से ले सकने में सक्षम होते है. यहाँ पर भी जैसे -जैसे आप Loan amount को चुकाते रहते हैं वैसे- वैसे आपकी loan balance भी बढती जाती है, लेकिन इसमें आप और loan नहीं सकते हैं. बल्कि पूरा loan amount चुकाने के बाद ही आप फिर से loan ले सकते है.

यदि हूँ closed-ended loans के उदाहरण की बात करें तो तब इसमें mortgage loans, auto loans, और student या education loans शामिल हैं.

Loans के प्रकार उनके repayment period के हिसाब से। 

अगर हम Loans को उनके repayment period के हिसाब से classify करें तब इसमें जो नाम आता है वो हैं , Revolving loans या term loans. Revolving का मतलब होता है की इस loan को आप लेकर, खर्च कर, वापस कर और फिर से खर्च कर सकते है. इस loan का सबसे बड़ा उदाहरण है, credit card.

इसमें loans को equal monthly installments (EMI) के हिसाब से वापस किया जाता है एक pre-agreed period में। 

Loan से सम्बंधित कुछ Important Concepts क्या होते हैं : –

Income:- Lenders (जो loan प्रदान करते हैं) की main concern होता है आपकी repayment capacity. ऐसे में bank की income requirement को पूर्ण करना किसी भी loan applicant के लिए सबसे जरुरी बात हो जाती है. इसलिए ही जितनी ज्यादा Income होगी, उतना ही आसान होगा उसे बड़े loans को apply करने के लिए वो भी लम्बे टाइम के लिए.

Age:- एक आदमी जिसकी अभी ज्यादा working-age बची हुई है, उसके side में (इसमें में नयी jobs करने वालों की बात नहीं कर रहा हूँ) उन्हें एक long-term loan approve होने में आसानी होगी वही पर एक वयस्क व्यक्ति के तुलना में या एक fresher के। 

Down payment: यह loan applicant का share होता है उस payment के तरफ जिसके लिए उसने loan apply किया हुआ है. उदाहरण के लिए, अगर आपने 10 lakh का कोई Car खरीदी हुई है और bank ने आपको Rs.8 lakh देने का वादा किया है वही जो Rs.2 Lakh रूपए बच गए हैं उसे की (Down Payment) कहा जाता है. यह आपके द्वारा pay किया जाता हैं .

Tenure:- यह उस समय -सीमा को कहा जाता है जो की आपको loan को पूर्ण करने के लिए दिया जाता है. अगर आप इसे उस समय -सीमा के भीतर repay नहीं कर पाते हैं तब इसके लिए आपको fine भी पड़ती है और आपके colletral चीज़ों को जब्त भी किया जा सकता है। 

Interest:- यह वो ब्याज का amount होता है जिसे की loan लेने वाले व्यक्ति को प्रदान करने होते है princiapal amount के साथ. Interest Rates vary करती है एक loan से दुसरे तक का . वही कभी कभी एक व्यक्ति से दुसरे तक क्यूंकि यह उनके credit scores के ऊपर भी निर्भर करता है। 

Equated Monthly Instalments (EMI):- यह उस monthly repayment amount को कहा जाता है की जिसे की loan लेने वालों को Bank को वापस करना होता है पहले से तय किये गए समय -सीमा के अंदर एक EMI में principal + interest दोनों को एक साथ रखा जाता है, और अमाउंट को समय -सीमा में equally बाँट दिया जाता है। 

लोन के क्या फायदे है (Benefits of Loan)

तो चलिए Loans के features और benefits के विषय में जानते हैं। 

  1. Financial Flexibility का होना :- Loans आपको financial flexibility प्रदान करता है, यह आपके जरुरत के टाइम में आपको financial मदद भी प्रदान करता है. वहीँ पर एक loan लेने से यह आपको कुछ हद तक financial freedom भी मिल जाती है और साथ में आपके रोजमर्रे के expenses को सही तरीके से सँभालने का मौका  मिल जाता है, वहीँ पर आपके planned budget को इधर उधर भी नहीं करता है.
  2. आसान availability:- सभी प्रकार के loans ज्यादातर 48 hours के भीतर ही approve हो जाती हैं, बस शर्त है की आप सभी जरुरी documents पहले से ही यदि जमा कर दिए होते हैं तो . इसलिए इन्हें आसानी से प्राप्त भी किया जा सकता है.
  3. जरुरत का amount प्राप्त होना :- आपके income और financial history के आधार पर ही आपको अपने जरूरत के पैसे मिल जाते हैं.
  4. Convenient tenure का होना :- Loans लेते टाइम ही आप चुन सकते हैं की आप कितने समय सीमा के भीतर ही loan को चूका सकते हैं. ज्यादातर टाइम  में Loans आपको 12 months से लेकर 60 months तक के लिए मिलते हैं.
  5. Tax Benefits में फायहदा :- Income Tax Act of 1961 के आधार पर प्राय सभी प्रकार के loans में आपको tax benefits की सुविधा भी प्राप्त होती है.

लोन लेने के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?

तो चलिए अब जानते हैं की Loans लेने के मुख्य कारण क्या हैं.

  1. Life Goals को पूर्ण करने के लिए :- जब आप चाहते हैं की आपके लाइफ के लक्ष्य पूर्ण हों और इसके लिए आपको थोड़ी बहुत financial assistance की जरुरत होती है तो  आपको Loans की बहुत अधिक जरुरत होती है.
  2. Immediate financial requirements के होने से :- कब किसी के साथ क्या हो जाय किसी को इसका अंदाजा भी नहीं होता है, इसलिए ऐसे टाइम में आप loan apply कर सकते हैं अगर को financial emergency हो जाती है तो .
  3. किसी financial arrangement को ठीक तरीके से करने के लियह :- आपके सामने अगर कोई भी ऐसी घटना घटित हो जाती है, जिसके विषय में आपको कुछ भी नहीं पता होता है, तब भी आप ऐसे समय में loan aaply कर सकते हैं, क्यूंकि आप नहीं चाहते हैं की किसी भी प्रकार की रुकावट हो, वहीँ चीज़ें smoothly हो जाएँ.

लोन अप्लाई करने से पहले किन चीज़ों का ध्यान रखना जरूरी होता है?

Loan लेना तो आसान बात है पर उससे पहले आपको कुछ चीज़ों पर जरुर से ध्यान देना होता है, क्यूंकि इसके लिए नहीं तो आपको बाद में पछताना भी पड़ सकता है. चलिए ऐसे ही कुछ पहलुओं पर नजर डालते हैं.

  1. Credit score: Loan apply करने से पहले एक बार आप जरुर से अपना credit history जरुर check कर लें. यह credit history एक प्रकार का record ही होता है, जो की आपके द्वारा की गयी investments ली गयी loans और पहले से repayment records को दिखता है. यह किसी भी bank को यह दर्शायेगा की आपके पहले का track records कैसे है, और क्या आपको सही में loan देना भी चाहिए या नहीं. वैसे एक अच्छा credit score 750 या उससे ऊपर को ही माना जाता है.
  2. Rate of Interest: जरुर से loan interest rate को एक बार आप check कर लें loan apply करने से पहले ही क्यूंकि Loans जिनमें एक collateral की जरुरत होती है, उनमें lower interest rates होता भी है, उन loans की तुलना में जिनमें की इनकी जरुरत नहीं होती है.
  3. Processing fee और दुसरे charges: अगर आप Loan के लिए apply कर रहे हैं, और आप अपने loan का payment deadlines को यदि miss करते हैं, तब आपको एक processing और penalty fee भी देना होता है. यह fees और charges निर्भर करता है आपके loan amount और bank के ऊपर.
  4. आप Research करें अपने loan का best rate पाने के लिए : Research और compare भी करें अलग अलग banks से; NBFCs से जिससे आपको best interest rates, EMI, tenure और दुसरे charges के विषय में पता चल सके.

Loan Application के लिए Document Loan EMI Calculators क्या है?

Loan EMI Calculator एक handy tool होता है, जिसका उपयोग आप monthly payable amount और interest calculate करने के लिए किया जाता हैं.

EMI calculate करने के लिए अपने loan amount की, आपको बस कुछ चीज़ों की values enter करनी होती है जैसे की principal Amount (P), Time duration (N), और Rate of interest (R).

लोन कैसे ले (Loan Kaise Le)

आजकल बैंक में Loan apply करना बहुत ही आसान होता है. लेकिन apply करने से पहले ही आपको अपने financial situation का पता जरुर होना चाहिए, क्यूंकि अंत में आपको लिए गए उस loan amount को चुकाना भी होता है.

आपकी जितनी भी जरुरत क्यों न हो पैसों को loan करने का फैसला सबसे अंतिम होना चाहिए. आप चाहें तो क्यों न Online Apply कर सकते हैं और उनके बताए गए steps का पालन कर सकते हैं, वहीँ पर आप Offline भी apply कर सकते हैं, जिसके लिए आपको Offical branch में जाकर manager से बात करनी होती है, और loan को सही ढंग से समझना होता है.

Loan का 4 C’s of Credit क्या है? और इसे जानना क्यूँ जरुरी होता हैं?

1. Character(चरित्र)

इसका मतलब होता यह है की loan लेने वाले का पूरा financial history. मतलब की लोन लेने वाला व्यक्ति कैसे है उसकी पहले का behaviour कैसा रहा है इत्यादि. इस चीज़ को देखने के लिए credit score का प्रयोग किया जाता है.

2. Capacity(क्षमता)

इसका मतलब होता यह है की business की ability जिससे की वो उतनी revenue generate कर सके की loan की amount को चुकाया जा सके.हम दुसरे शब्दों में capacity से borrwer (जो loan लेता है) की loan चूका पाने की क्ष्य्मता(शक्ति ) का पता चलता है. यदि bank किसी नए business को loan देती है, तब यह उनके लिए सबसे अधिक risky होता है.

3. Capital(पूंजी)

इसका मतलब यह होता है की Business का capital assets. Capital assets में company की machinery और equipment आते हैं, इसके साथ product inventory, store और restaurant fixtures. Banks हमेशा इस चीज़ का ख़ास ध्यान रखती है की company का capital कैसा है, क्यूंकि यदि loan चुकाया नहीं गया तब भी उन्हें इन assets को बेचना होता है, वहीँ पर यदि यह loan amount को पूर्ण न कर सके तब इसमें banks का ही loss होता है.

4. Collateral(संपार्श्विक)

इसका मतलब होता यह है वह cash और assets जिसे की एक business owner गिरवी रखता है, अपने loan को secure करने के लिए, यदि आपका credit score काफी बढ़िया भी हो, वहीँ पर आप अच्छा income भी generate कर रहे हों तब भी banks चाहते हैं, की आप अपने सभी संपत्ति को security के आधार पर bank के पास रखें, जिससे bank का loss काफी कम हो यदि आप loan चूका न सके तो.

क्या Mutual funds को loans में collateral के तौर पर इस्तमाल किया जा सकता है?

Borrowers अब आसानी से Mutual Funds को collateral के तोर पर उपयोग कर loan ले सकते हैं. अगर आपका income जरुरत से काफी कम हो तब आप ऐसे में mutual funds का उपयोग कर सकते हैं।

इसमें बस आपको एक form को भरना होता है बाकि के documents के साथ वहीँ आपके mutual fund के amount के हिसाब से आपको loan की प्राप्ति होती है.

आज आपने क्या सीखा

मुझे आशा है की आपको मेरी यह पोस्ट लोन क्या है (What is Loan in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से ही यही कोशिश रहती है, की readers को लोन कैसे ले के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जायें जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में ढूडने की जरुरत ही नहीं हो. इससे उनकी टाइम की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायहंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts या संदेह हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब भी इसके लिए आप नीच comments में सकते हैं.

यदि आपको हमारी यह post Loan क्या होता है, हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस आर्टिकल को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिए .

FAQ

Q1. छात्र ऋण कहां से आते हैं?

छात्र ऋण संघीय सरकार से, बैंक या वित्तीय संस्थान जैसे निजी स्रोतों से, या अन्य संगठनों से आ सकते हैं , संघीय सरकार द्वारा किए गए ऋण जिसे संघीय छात्र ऋण कहा जाता है, आमतौर पर बैंकों या अन्य निजी स्रोतों से ऋण की तुलना में अधिक लाभ होता है।

Q2. पढ़ाई के लिए कौन सी बैंक लोन देती है?

Bank of Baroda and Punjab National Bankबैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक, यह दोनों प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के लोन देने वाले बैंक हैं, यह छात्रों को Education Loan के लिए 20 लाख तक का लोन 7.15 % की इंटरेस्ट दर पर 7 साल के टाइम पीरियड के लिए देते हैं।

Q3. तुरंत लोन लेने के लिए क्या करें?

आपको इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक मोबाइल ऐप्लीकेशन या वेबसाइट पर जाना होगा  , इसके बाद website में लॉगइन करें. , फिर इंस्टेंट लोन के ऑप्शन में जाएं उसके जहां आपकी लिमिट दिख जाएगी फिर  जितना आप लोन ले सकते हैं. इसके बाद आवश्यक पूरी जानकारी भरें और ओटीपी के जरिए आप प्रोसेस पूरा करें.

Q4. 12वीं के बाद एजुकेशन लोन किस प्रकार लें?

आप किसी भी बैंक से एजुकेशन लोन लेने से पहले इंटरेस्ट रेट के अलावा प्रोसेसिंग फीस, प्री पेमेंट, लेट फीस के अदि के बारे में जानकारी हासिल करें. बैंक से लोन अमाउंट, गारंटर के बारे जानकारी अवश्य लें. आमतौर पर लोन की राशि पर गारंटर की आवश्यकता होती ही है. एजुकेशन लोन चुकाने की प्रक्रिया कोर्स खत्म होने के 6 महीने बाद शुरू होती है

Q5. महिलाओं को कितना लोन मिलता है?

सभी महिलाओं के लिए मुद्रा लोन स्कीम के तहत 10 लाख तक का मुद्रा लोन 27 सरकारी बैंक,इसके अंतर्गत 17 प्राइवेट बैंक, 31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रो फाइनेंस संस्थान और 25 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC)है इन्ही संस्थाओं से लोन मिलता है।

Q6. बिना ब्याज का लोन कौन सा होता है?

हमारा केंद्र सरकार द्वारा एक योजना चलाई जा रही है जिसका नाम प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना है इसके अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना ब्याज़ के ही लोन उपलब्ध कराया जाता है। जिससे वे अपना काम नए सिरे से शुरू कर सके एवं अपना खुद का कोई व्यवसाय आसानी शुरू कर सके।

Q7. ऋण और ऋण विभिन्न वित्त तंत्र kya हैं।

जबकि एक ऋण जारी किए जाने के time एक बार में सभी अनुरोधित धन प्रदान करता है, क्रेडिट के मामले में, बैंक ग्राहक को एक amount प्रदान करता है, जिसका उपयोग आवश्यकता अनुसार किया जा सकता है, उधार ली गई पूरी अमाउंट राशि का उपयोग करके, भाग इसका या बिल्कुल नहीं है ।

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