पैन कार्ड क्या है ? पैन कार्ड के लिए कैसे आवेदन करें और इसके उपयोग?

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पैन कार्ड क्या है? पैन कार्ड का इस्तेमाल कई कार्यों के लिए किया जाता है, जैसे- बैंक अकाउंट खोलने के लिए, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए इत्यादि । पैन कार्ड में कार्ड होल्डर की पूरी जानकारी और पैन नंबर होता है। आइए जानते हैं पैन कार्ड से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां ।

Table of Contents

पैन कार्ड क्या है?

‘PAN’, परमानेंट अकाउंट नंबर, टैक्स भरने, बैंक खाता खोलने, निवेश करने और आदि कार्यों के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें पैन नंबर और कार्डधारक की पहचान सम्बंधित पुरी जानकारी होती है। पैन कार्ड नंबर (PAN Card Number) में व्यक्ति का टैक्स और निवेश सम्बंधित डाटा भी होता है। इस लिए अपना पैन कार्ड नंबर पता होना बहुत ज़रूरी है। तो, जानते हैं इस कार्ड से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां:-

(PAN Card) किस-किस को मिल सकता है?

कोई भी व्यक्ति, नाबालिग, छात्र पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। पैन कार्ड केवल व्यक्तियों को ही जारी नहीं किया जाता है बल्कि, कंपनियां और पार्टनरशिप फर्म भी पैन कार्ड प्राप्त कर सकती हैं और ऐसी संस्थाओं के पास पैन कार्ड नंबर होना अनिवार्य हो जाता है, जो टैक्स भरती हैं। 

पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे आवेदन करें?

पैन कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करने की प्रक्रिया- (Online Apply for Pan card)

पैन कार्ड ऑफलाइन और पैन कार्ड रजिस्ट्रेशन का तरीके निम्नलिखित है:-

  • पैन कार्ड आवेदन के लिए NSDL और UTI ITSL की वेबसाइट पर जाएं। 
  • वेबसाइट पर ‘न्यू पैन’ के विकल्प पर क्लिक करें। 
  • वहां पैन फॉर्म 49A में अपनी पूरी जानकारी भरें, किस भारतीय नागरिक, एनआरआई/एनआरआई और सीआई (भारतीय मूल के नागरिक) भर सकते हैं। 
  • प्रक्रिया शुरू करने के लिए फॉर्म जमा करने के बाद आवेदक को डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होगा। 
  • फॉर्म जमा करने और फीस जमा करने के बाद आखिरी पेज में व्यक्ति को 15 डिजिट का नंबर मिलेगा। 
  • फॉर्म जमा करने के 15 दिन के अंदर इसे आवश्यक दस्तवेज़ो के साथ कोरियर NSDL ऑफिस भेज देना चाहिए। 
  • इसके बाद NSDL द्वारा वेरिफिकेशन करेगा और फिर फॉर्म में भरे पते पर 15 दिन के अंदर पैन कार्ड पहुंच जाएगा। 
पैन कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करने की प्रक्रिया- (Offline Apply for PAN Card)

पैन कार्ड ऑनलाइन आवेदन और पैन कार्ड रजिस्ट्रेशन का तरीके निम्नलिखित है;-

  • NSDL या UTIITSL की वेबसाइट से पैन कार्ड फोर डाउनलोड करें या UTIISL एजेंट से ये फॉर्म प्राप्त करें। 
  • फॉर्म भरें और ज़रूरी दस्तावेज लगाएं जैसे :-(पहचान पत्र, पता और फोटो) 
  • NSDL के ऑफिस में प्रोसेसिंग फीस के साथ फॉर्म जमा करें . फॉर्म में लिखे पते पर 15 दिनों में पैन कार्ड भेज दिया जाएगा। 

पैन कार्ड फॉर्म (PAN Card Form):-

  • आप फॉर्म 49A या फॉर्म 49AA भर कर पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • भारतीय नागरिकों या कंपनियों को फॉर्म 49A और विदेशियों को फॉर्म 49AA भरने  चाहिए।
  • नाबालिग और छात्र भी फॉर्म 49A भर कर पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते  हैं।
  • ये दोनों ही फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन मौजूद है।
  • दोनों फॉर्म में ये जानकारी भरने होते है- निर्धारण अधिकारी कोड (AO कोड), नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी, आधार संख्या, आदि।
  • इसके बाद आवेदक को फॉर्म पर हस्ताक्षर कर और दस्तावेजों की कॉपी लगाकर TIN-NSDL के ऑफिस भेजना होता हैं।

पैन कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

पैन कार्ड (PAN Card) प्राप्त करने के लिए, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन फॉर्म (फॉर्म 49A या फॉर्म 49AA) को दस्तावेजों के साथ जमा करना पड़ता है ताकि वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी हो सके। आवश्यक दस्तावेज आवेदक पर निर्भर करता हैं। इन दस्तावेजों की लिस्ट निम्नलिखित है:-

1. व्यक्ति के लिए दस्तावेज। 

पहचान पत्र:-

  • जो इनमें से कोई भी दस्तावेज हो सकता है:- कोई भी सरकार द्वारा जारी की गई आईडी – आधार कार्ड, डीएल, वोटर आईडी इत्यादि। 
  • हथियार का लाइसेंस। 
  • पेंशन कार्ड जिसमें आवेदक की तस्वीर होती है। 
  • एक फोटो आईडी कार्ड जो केंद्र सरकार, राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है। 
  • केंद्र सरकार का स्वास्थ्य योजना कार्ड या पूर्व सैनिकों का स्वास्थ्य योजना फोटो कार्ड। 
  • एक मूल बैंक प्रमाणपत्र, जो बैंक की शाखा से बैंक के लेटरहेड पर जारी किया जाता है और जारी करने वाले अधिकारी द्वारा वेरीफाई भी  किया जाता है। इस तरह के प्रमाण पत्र में बैंक अकाउंट नंबर के साथ आवेदन की एक अटेस्टेड फोटो होनी चाहिए

पता प्रमाण पत्र :-

  • जो इनमें से कोई भी दस्तावेज हो सकता है:- बिजली, लैंडलाइन या ब्रॉडबैंड कनेक्शन बिल। 
  • पोस्टपेड मोबाइल फोन का बिल। 
  • पानी का बिल। 
  • LPG या पाइप्ड गैस कनेक्शन बिल या गैस कनेक्शन बुक। 
  • बैंक का पासबुक। 
  • पोस्ट ऑफिस अकाउंट का पासबुक। 
  • पासपोर्ट। 
  • मतदाता पहचान पत्र। 
  • ड्राइविंग लाइसेंस। 
  • संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज़। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी किया गया अधिवास प्रमाण पत्र। 
  • आधार कार्ड। 
  • संस्थान/कंपनी से मूल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया कि संस्थान/कंपनी एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक या निजी निगम है। 

जन्म प्रमाण पत्र:-

जो इनमें से कोई भी दस्तावेज हो सकता है: जन्म प्रमाण पत्र जो नगर पालिका या किसी प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाता है। 

  • मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र। 
  • पेंशन भुगतान आदेश। 
  • पासपोर्ट। 
  • रजिस्ट्रार ऑफ मैरिज द्वारा जारी किया गया मैरिज सर्टिफिकेट। 
  • ड्राइविंग लाइसेंस। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी किया गया डोमिसील प्रमाण पत्र। 
  • आवेदक की जन्मतिथि बताते हुए एक मजिस्ट्रेट के सामने बनाया गया एफिडेविट। 

2. हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) के लिए दस्तावेज। 

  • HUF के कर्ता द्वारा जारी एक एफिडेविट जिसमें अपना नाम, पता और प्रत्येक कॉपीरेंसर के पिता का नाम उस तारीख को लिखा हो जिस दिन आवेदन किया गया हो। 
  • पहचान पत्र, पते का प्रमाण और HUF के एक करते होने के मामले में जन्मतिथि प्रमाण पत्र। 

3. भारत में रजिस्टर्ड कंपनी के लिए। 

  • कंपनी रजिस्ट्रार द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी। 

4. फर्म और भारत में बनी या रजिस्टर पार्टनरशिप कंपनी के लिए। 

  • लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप या फर्म रजिस्ट्रार द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी। 
  • पार्टनरशिप दस्तावेज की कॉपी। 

5. भारत में बने या रजिस्टर्ड ट्रस्ट के लिए। 

  • चैरिटी कमिश्नर द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन नंबर सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी या ट्रस्ट दस्तावेज की कॉपी। 

6. व्यक्तियों के संघ के लिए। 

  • को-ऑपरेटिव सोसाइटी या चैरिटी कमिश्नर या अन्य सक्षम प्राधिकारी के रजिस्ट्रार से रजिस्ट्रेशन नंबर सर्टिफिकेट / प्रमाण पत्र की कॉपी या केंद्र / राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया, कोई भी दस्तावेज जिसमें आवेदक की पहचान और पता हो। 

7. उनके लिए जो भारतीय नागरिक नहीं हैं। 

पहचान प्रमाण पत्र:-

  • जो निम्नलिखित में से कोई भी हो सकता है:- पासपोर्ट की कॉपी। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी PIO कार्ड की कॉपी। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी OCI कार्ड की कॉपी। 
  • अन्य राष्ट्रीय या नागरिकता पहचान संख्या की कॉपी या भारतीय दूतावास, उच्चायोग या जहां आवेदन आधारित है, द्वारा जारी TIN  

पता प्रमाण पत्र:-

  • निम्नलिखित में से कोई एक हो सकता है:- पासपोर्ट की कॉपी। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी PIO कार्ड की कॉपी। 
  • भारत सरकार द्वारा जारी OCI कार्ड की कॉपी। 
  • अन्य राष्ट्रीय या नागरिकता पहचान संख्या की कॉपी या भारतीय दूतावास, उच्चायोग या नहीं। 
  • आवेदन आधारित है, द्वारा जारी TIN
  • आवासीय देश के बैंक स्टेटमेंट की कॉपी। 
  • भारत में NRI बैंक अकाउंट का पासबुक। 
  • निवास प्रमाण पत्र या आवासीय परमिट की कॉपी। 
  • FIRE द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र की कॉपी। 
  • किसी भी भारतीय कंपनी से प्राप्त वीज़ा और अपॉइंटमेंट लैटर की फोटो कॉपी। 

मूल पैन कार्ड खोने पर डुप्लीकेट पैन कार्ड के लिए कैसे आवेदन करें?

अगर आपने अपना मूल पैन कार्ड कहीं खो दिया है तो आप डुप्लीकेट पैन कार्ड (Duplicate PAN Card) के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से आवेदन कर सकते हैं। TIN-NSDL और UTI ITSL दोनों ही डुप्लीकेट पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन और भुगतान की अनुमति देते हैं। इसकी प्रक्रिया निम्नलिखित है:-

  • TIN-NSDL और UTI ITSL की वेबसाइट पर जाएं और डुप्लीकेट पैन कार्ड के लिए आवेदन करें। 
  • भारतीय नागरिक फॉर्म 49A और विदेशी फॉर्म 49AA भरें। 
  • भुगतान ऑनलाइन या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा करें। 
  • अपने इस फॉर्म का प्रिंट लें। 
  • आपको 45 दिनों में पैन कार्ड मिल जाएगा। 

पैन कार्ड के प्रकार (Types of PAN Card):-

पैन कार्ड व्यक्तियों और कंपनियों के लिए उपलब्ध है, इसलिए पैन कार्ड के लिए अलग-अलग तरह फॉर्म के द्वारा आवेदन किया जा सकता है। पैन कार्ड और इनके आवेदन फॉर्म के प्रकार निम्नलिखित है:-

व्यक्तियों के लिए पैन कार्ड:-

ये सबसे आम पैन कार्ड (PAN Card)होता है जो व्यक्तियों को जारी किया जाता है। इसके लिए आवेदन NSDL और UTI ITSL की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध फॉर्म 49 द्वारा किया जाता सकता है। कोई भी योग्य भारतीय व्यक्ति, छात्र और नाबालिग इसके लिए आवेदन कर सकते है।

NRI या भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए पैन कार्ड:-

NRI और PIO भारत में टैक्सेशन के उद्देश्य से पैन कार्ड (PAN Card) का फायदा उठा सकते हैं। उन्हें भी इस कार्ड का फायदा उठाने के लिए फॉर्म 49A जमा करना होगा।

भारत में टैक्स देने वाली विदेशी संस्थाओं के लिए पैन कार्ड:-

वे फर्म या कॉरपोरेट जो भारत के बाहर रजिस्टर हैं, लेकिन भारत में अपने व्यापार संचालन के आधार पर भारत में टैक्स का भुगतान करते हैं, पैन कार्ड (PAN Card) का फायदा भी उठा सकती हैं। उन्हें पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया के लिए फॉर्म 49AA भरना पड़ेगा और जमा करना होगा।

OCI और NRC के लिए पैन कार्ड:-

ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया और नॉन रेजिडेंट एलटीटी भी पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते है। प्रासंगिक फॉर्म जो पैन कार्ड के लिए आवेदन करते टाइम उनके द्वारा भरा जाना चाहिए, फॉर्म 49AA है।

भारतीय कंपनियों के लिए पैन कार्ड:-

भारत में रजिस्टर और काम करने के वाली कॉरपोरेट कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल और टैक्स-संबंधी लेन-देन के लिए पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकती हैं।

पैन कार्ड का स्ट्रक्चर- पैन कार्ड की जानकारी:-

पैन कार्ड (PAN Card) में बहुत आम जानकारी होती है जो केवाईसी (नो योर कस्टमर) के नियमों के तहत पहचान और उम्र के प्रमाण के लिए योग्य होती है। पैन कार्ड में निम्नलिखित जानकारी होती है:-

  • कार्डधारक का नाम:- इसमें सबसे मुख्य जानकारी कार्डधारक का नाम होता है। किसी व्यक्ति के मामले में ये व्यक्ति का नाम, किसी कंपनी के मामले में ये कंपनी का नाम और किसी पार्टनरशिप फर्म के मामले में ये उनका ही नाम होगा। 
  • कार्डधारक के पिता का नाम:- अगर पैन कार्ड किसी व्यक्ति का होता है तो उसके पिता का नाम पैन कार्ड में होगा। 
  • जन्मतिथि:- किसी व्यक्ति के पैन कार्ड के मामले में कार्डधारक की जन्म तिथि पिता के नाम के नीचे लिखा होता है। यह जानकारी कार्डधारक के जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर योग्य होता है। कंपनियों और पार्टनरशिप फर्मों के मामले में, उनके रजिस्ट्रेशन की तिथि लिखी होती है। 
  • पैन कार्ड नंबर:- असली और सबसे महत्वपूर्ण जानकारी परमानेंट अकाउंट नंबर या पैन नंबर होता है। प्रत्येक व्यक्ति/कंपनी का पैन नम्बर अलग-अलग होता है और इसमें विभिन्न जानकारियां भी होती हैं।यह नंबर कार्डधारक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बनता है। ये 10 अक्षरों अल्फानुमेरिक नंबर होते है और प्रत्येक अक्षर में कुछ जानकारी होती है। इन अक्षर में निम्नलिखित जानकारी होती है:-
  • पहले 3 अक्षर:- पहले 3 अक्षरों अल्फाबेटिकल होते हैं और A से Z के बीच में से होते हैं। 
  • चौथा अक्षर: पैन नंबर का चौथा अक्षर टैक्स धारक की कैटेगरी (श्रेणी) बताता है। ये कैटेगरी निम्नलिखित हैं:-
  • A – एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स। 
  • B – व्यक्तियों का शरीर। 
  • C – कंपनी। 
  • F – फर्म। 
  • G – सरकार। 
  • H – हिंदू अविभाजित परिवार। 
  • L – लोकल अथॉरिटी। 
  • J – आर्टिफिशियल ज्यूडिशियल पर्सन। 
  • P – व्यक्तिगत। 
  • T – ट्रस्ट के लिए व्यक्तियों का एसोसिएशन। 
  • पाँचवाँ अक्षर- पाँचवाँ अक्षर व्यक्ति के उपनाम का पहला अक्षर है। 
  • बाकी के अक्षर- बाकी के अक्षर रैंडम होते हैं। पहिले 4 अक्षर नंबर जबकि अंतिम का एक अल्फाबेट होता है। 
  • व्यक्ति का हस्ताक्षर- पैन कार्ड पर अंतिम जानकारी व्यक्ति के हस्ताक्षर के रूप में होती हैं। जैसे, पैन कार्ड विभिन्न फाइनेंशियल लेनदेन के लिए आवश्यक व्यक्ति के हस्ताक्षर के प्रमाण के रूप में भी कार्य करते है। 
  • व्यक्ति का फोटो – पैन कार्ड के निचले दाहिने हाथ में कार्डधारक की तस्वीर भी मौजूद होती है जो कार्ड को व्यक्ति के फोटो पहचान प्रमाण के रूप में कार्य करने के योग्य बनाता हैं । कंपनियों और फर्मों के मामले में, कार्ड पर कोई तस्वीर मौजूद नहीं होती है

पैन कार्ड के लाभ (Benefits of PAN Card):-

पैन कार्ड के लाभ निम्नलिखित हैं:-

  • टैक्स भरने के लिए:- व्यक्तियों और कंपनियों को टैक्स भरने के लिए अपना पैन नंबर देने आवश्यक होते है। अगर पैन कार्ड नहीं है, तो व्यक्तियों और संस्थाओं को अपनी आय का 30% के टैक्स देना होगा चाहे वो किसी भी टैक्स स्लैब में आते हों। इसलिए, टैक्स भरने के लिए पैन कार्ड नंबर की आवश्यकता होती है। पैन कार्ड नंबर द्वारा पैन कार्ड की स्थिति की जानी जा सकती है।
  • बिज़नेस रजिस्ट्रेशन :– कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म, हिंदू अविभाजित परिवार या अन्य संस्थाएं को अपने व्यवसायों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पैन नंबर होना जरूरी है।
  • फाइनेंशियल लेनदेन:- कोई भी व्यक्ति/कंपनी फाइनेंशियल लेनदेन तभी कर सकती है जब उसके पास पैन कार्ड हों । किसी भी अचल संपत्ति की बिक्री या खरीद, जिसका दाम 5 लाख रु. या उससे अधिक हो, किसी दुपहिया वाहन को छोड़कर किसी भी वाहन की बिक्री या खरीद, किसी भी बैंक में 50,000 रुपये से अधिक की राशि जमा करना, 50,000 रुपये मूल्य या उससे अधिक के  बांड खरीदना, भारत के बाहर धनराशि निकालना, विदेश यात्रा के लिए किया गया खर्च, अगर ऐसे खर्च 25,000 रु. से अधिक हैं, म्यूचुअल फंड स्कीम खरीदना, बीमा पॉलिसियां खरीदना या 50,000 और उससे अधिक मूल्य के शेयर आदि।
  • उपयोगिता कनेक्शन लेने के लिए :– कई उदाहरणों में जब यूटिलिटीज जैसे पोस्टपेड मोबाइल फोन कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, इंटरनेट कनेक्शन आदि की आवश्यकता होती है, तो पैन कार्ड काम में आता है। हालांकि, यह हमेशा सलाह दी जाती है कि यदि संभव हो तो आप वैकल्पिक आईडी प्रूफ जैसे डीएल, वोटर आईडी कार्ड आदि का उपयोग करें।
  • बैंक खाता खोलने के लिए:- इन दिनों बैंक में खाता खोलने के लिए के केवाईसी (नो योर कस्टमर) नियम के तहत पैन कार्ड बेहद जरुरी दस्तावेज बन गया है।

पैन कार्ड ट्रैकिंग/ पैन कार्ड इन्क्वायरी/पैन कार्ड ऑनलाइन स्टेटस जानें

पैन स्टेटस जानें:-

पैन कार्ड (PAN Card) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसका स्टेटस (स्थिति) जान सकते हैं। पैन कार्ड आवेदन का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है जहां पैन स्टेटस दिखता है कि कार्ड जारी किया गया है या नहीं, या यदि यह वर्तमान में प्रक्रिया में है या नहीं। आवेदन पैन कार्ड स्टेटस या UTI पैन कार्ड स्टेटस/NSDL पैन कार्ड स्टेटस उनकी वेबसाइट पर जान सकता है। UTI पैन कार्ड स्टेटस UTIITSL और NSDL पैन कार्ड स्टेटस NSDL की वेबसाइट पर जाकर जान सकते हैं। आवेदक का नाम और जन्मतिथि डालकर ऑनलाइन पैन कार्ड स्टेटस आप जान सकते है।  

पैन कार्ड में बदलाव कैसे करें?

मौजूदा पैन कार्ड (PAN Card) धारक अपने मौजूदा पैन कार्ड की जानकारी में बदलाव कर सकता हैं, जबकि उसी टाइम पैन नंबर को बनाए रख सकते हैं। पैन कार्ड की कोई भी जानकारी इसकी प्रक्रिया के तहत बदला जा सकता है। इसके लिए पैन कार्ड अपडेट या करेक्शन फॉर्म भर सम्बंधित अथॉरिटी को जमा करना पड़ेगा।

डुप्लीकेट पैन कार्ड:-

मूल पैन कार्ड खोने पर, कार्डधारक फॉर्म और आवेदन फीस जमा कर के डुप्लीकेट पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। 

क्या होता है अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं हो?

 आपके पास पैन कार्ड क्यों होना चाहिए इसके कई कारण होते है:-

  • बिना पैन कार्ड के आप 50,000 रु. से अधिक का फाइनेंशियल लेनदेन नहीं कर सकते हैं। 
  • संपत्ति या ज़मीन खरीदने या बेचने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। 
  • पैन कार्ड के बिना टैक्स नहीं भर सकते हैं आप। 
  • पैन नंबर नहीं होने पर आपका क्रेडिट कार्ड/लोन आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। 

संबंधित सवाल (PAN Card FAQs):-

प्रश्न. मैं पैन कार्ड (PAN Card) के लिए आवेदन कैसे कर सकता हूँ?

उत्तर:- आप पैन कार्ड के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं। आप TIN NSDL की वेबसाइट या UTIITSL की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आप पैन कार्ड केंद्र में जा सकते हैं।

प्रश्न. मुझे पैन कार्ड आवेदन फॉर्म कहाँ से प्राप्त होगा?

उत्तर:- आपको पैन कार्ड आवेदन फॉर्म पैन केंद्र में मिल जाएगा। इसके अलावे , आप TIN NSDL की वेबसाइट से पैन कार्ड आवेदन फॉर्म फॉर्म 49A और फॉर्म 49AA डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रश्न. क्या मुझे पैन कार्ड आवेदन फॉर्म के लिए कोई शुल्क देना होगा?

उत्तर:- आपको पैन आवेदन फॉर्म के लिए कोई फीस नहीं देना होगा। हालांकि, आपको आवेदन के लिए फीस देना होगा जो भारत में रह रहे लोगों के लिए 107 रु. हैं और 1017 रु. भारत से बाहर रह रहे लोगों के लिए है।  

प्रश्न. जब मैं पैन कार्ड (PAN Card) के लिए फॉर्म 49A जमा करता हूं, तो मुझे क्या फीस  देना होगा?

उत्तर:- भारत में रह रहे आवेदकों के लिए फीस 107 रु. हैं और 1017 रु. भारत से बाहर रह रहे लोगों के लिए।  

प्रश्न. क्या आवेदन फॉर्म के साथ 2 फ़ोटो देना भी अनिवार्य है?

उत्तर:- जी हाँ, आपको अपने पैन आवेदन फॉर्म के साथ 2 फ़ोटो देने होंगें।

प्रश्न. जो आवेदन हस्ताक्षर नहीं कर सकते उनके लिए क्या आवेदन प्रक्रिया होती है?

उत्तर:- जो आवेदन हस्ताक्षर कर सकते हैं और जो नहीं कर सकते, दोनों के लिए बिल्कुल समान प्रक्रिया होती है। आवेदन पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता तो वो अंगूठे का निशान लगा सकता है। 

प्रश्न.मैं अपने पैन कार्ड (PAN Card) में फोटो कैसे बदल सकता हूँ?

उत्तर:- पैन कार्ड में फोटो बदलने के लिए आपको पैन कार्ड करेक्शन फॉर्म भरना पड़ेगा ।

प्रश्न. एक नाबालिग क्या पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है?

उत्तर:-  हां, नाबालिग पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें भी पैन कार्ड से कई सुविधाएं मिल सकती हैं।

प्रश्न. पैन कार्ड प्राप्त करने में कितना टाइम लगता है?

उत्तर:- पैन कार्ड प्राप्त करने में 45 दिन का टाइम लगता है। इसमें आपके आवेदन करने के दिन से लेकर पैन कार्ड प्राप्त करने तक का दिन होता है। हालांकि, कई मामलों में समय अधिक लग सकता है।

प्रश्न. पैन कार्ड होना ज़रूरी क्यों है?

उत्तर:- अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आप आयकर नहीं भर सकते हैं। जो भी बैंक अकाउंट पैन से लिंक नहीं हैं वो जल्द ही निष्क्रिय हो जाएंगें। इसके अलावा, आप 50,000 से ज़्यादा का लेनदेन करने के लिए पैन होना अनिवार्य है।

प्रश्न. आयकर विभाग यह कैसे सुनिश्चित करता है कि ऊपर बताए गए लेनदेन के लिए पैन जानकारी दी गई है?

उत्तर:- आयकर विभाग ने फाइनेंशियल दस्तावेज प्राप्त करने वाली संस्थाओं को संवैधानिक दिशा-निर्देश दिए हैं कि जहां भी अनिवार्य हो वहां दस्तावेज में पैन कार्ड की जानकारी दी जाए अन्यथा दस्तावेज पूर्ण माने जाते हैं।

प्रश्न. क्या महिला आवेदकों के लिए पिता का ही नाम अनिवार्य है (विवाहित / तलाकशुदा / विधवा सहित)?

उत्तर:- महिला आवेदकों को पैन कार्ड आवेदन फॉर्म में अपने पिता के नाम का उल्लेख करना होगा, चाहे वे अविवाहित, विवाहित, तलाकशुदा या विधवा हैं ।

प्रश्न. एक नाबालिग, मानसिक रूप से विकलांग और कोर्ट के वार्ड की ओर से कौन -कौन आवेदन कर सकता है?

उत्तर:- आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 160 के अनुसार, एक निर्धारित प्रतिनिधि नाबालिग, मानसिक रूप से विकलांग और अदालत के वर्गों का प्रतिनिधित्व कर सकता है। ऐसे मामलों में, निम्नलिखित जानकारी प्रदान की जानी चाहिए:-

  • नाबालिग, पागल, बेवकूफ, मानसिक विकलांग, अदालत के वार्ड आदि की जानकारी।
  • पैन कार्ड आवेदन पत्र के आइटम 14 में निर्धारित प्रतिनिधि की जानकारी प्रदान की जानी है।

प्रश्न. अगर मैं विदेशी हूं तो भी मेरे पास भी पैन कार्ड क्यों होना चाहिए?

उत्तर:- भारत में व्यवसाय करने वाला व्यक्ति, चाहे वह भारतीय हो या विदेशी, उसे टैक्स का भुगतान करने की आवश्यकता होती है और टैक्स का भुगतान करने के लिए, पैन कार्ड होना जरुरी है। साथ ही, भारत में उच्च मूल्य की संपत्ति खरीदने के लिए पैन कार्ड जरुरी कर दिया गया है।

प्रश्न. “नए पैन कार्ड के लिए अनुरोध या पैन कार्ड में परिवर्तन या सुधार” के लिए फॉर्म जमा करते समय कोई शुल्क देना होता है?

उत्तर:- चाहे पैन कार्ड में परिवर्तन या सुधार का आवेदन नए पैन कार्ड (PAN Card) के लिए हो या मौजूदा कार्ड में के लिए, भारत में रहने वाले आवेदकों को 107 रुपये का फीस देना होगा, जबकि भारत के बाहर रहने वालों को 1017 रुपये का फीस देना होगा।

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