राकेश झुनझुनवाला कैसे चुनते थे शेयर्स? क्या था उनके बिग बुल बनने का ‘3F’ फॉर्मूला, आप भी बना सकते हैं ज्यादा पैसा

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Rakesh Jhunjhunwala Portfolio: 14 अगस्त 2022 को बाजार का बिग बुल इस दुनिया को अलविदा कह गया. लेकिन, निवेशकों के लिए कुछ खास टिप्स वो छोड़कर गये हैं. इन टिप्स के माध्यम से निवेशक बाजार में पैसा बना सकते हैं.

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Rakesh Jhunjhunwala Portfolio: शेयर बाजार का बिग बुल (Big Bull) पंच तत्व में विलीन हो चुके है. लेकिन, उनका नाम कई सालों तक इसी तरह गूंजता रहेगा. क्योंकि, वो अकेले ऐसे व्यक्ति थे, जिनकी फैन फोलोइंग इतनी अधिक थी कि लोग उनके लगाए शेयरों पर भरोसा जताते थे. लोगों का मानना था कि वो जिस शेयर में हाथ लगाते थे वो सोना बन जाता था.

बिग बुल का निवेश का वो सीक्रेट मंत्र (Investment Mantra) क्या है, जो राकेश झुनझुनवाला को हमेशा मुनाफे की तरफ ही ले जाता था? इस बात का जिक्र खुद राकेश झुनझुनवाला ने एक इवेंट के दौरान किये थे. वो शेयर कैसे चुनते थे, कैसे कमाई के लिए शेयर परफेक्ट बन जाता था. अगर आप भी उनके निवेश को फोलो करेंगे तो कभी घाटे में नहीं रहेंगे.

शेयर मार्केट पर भरोसा रखें और डटे रहें

राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) इंडियन स्टॉक मार्केट की चाल और फ्चूयर सेंटीमेंट्स को लेकर अक्सर बाते किया करते थे. उनका मानना था कि मार्केट में कितनी बड़ी गिरावट क्यों ना आ जाए लेकिन कॉरपोरेट इंडिया काफी ऑप्टिमिस्टिक है. हम दूसरे देशों की तुलना में काफी मजबूत होते जा रहे हैं. आगे चलकर हम मार्केट में भी विश्व पर लीड करेंगे. इसलिए मार्केट में बने रहना जरूरी है. घबराहट में मार्केट से दूर न भागें, डटकर मुकाबला करने की क्षमता हमेशा रखें. शेयर मार्केट पर भरोसा रखने वाले ही यहां लंबा खेल सकते हैं.

शेयर चुनने के लिए झुनझुनवाला का ‘3F’ मंत्र

राकेश झुनझुनवाला ने अपने शेयर्स कैसे चुनते थे. उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान इस बात का जिक्र किया कि निवेशकों को किस तरह अपने शेयर्स की पहचान करने चाहिए. झुनझुनवाला के इस मंत्र को निवेशक सही तरीके से उपयोग करें तो वो भी मुनाफा कमा सकते हैं.

झुनझुनवाला के अनुसार , वो ‘3F’ के सिद्धांत पर निवेश करते थे. फेयर वैल्यू, फंडामेंटल और फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट शेयर की दाम अच्छी हो या सस्ते वैल्यूएशंस पर मिल रहा हो तो बहुत बढ़िया है. वहीं, कंपनी के फंडामेंटल मजबूत होना चाहिए. इसके अलावे कंपनी का फ्यूचर प्लान क्या है, इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अगर किसी कंपनी के पास यह तीनों फैक्टर होते हैं तो निवेश डूबेगा नहीं. झुनझुनवाला ने मानना था कि उन्होंने बाजार में इस सिद्धांत के साथ 1985 से निवेश किया और नतीजा सबके सामने है.

निवेशकों के पास अगले 10 वर्ष तक मौका

झुनझुनवाला ने बताया था निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मार्केट कैसे और किन चीजों पर रिएक्ट करता है. यह झूठ है कि मार्केट नॉन रियल फैक्टर पर आधारित है. लंबी अवधि में मार्केट जरूर दौड़ लगाएंगे. कोरोना वायरस कुछ टाइम के लिए कंपनियों के कामकाज पर असर डाला. लेकिन, जैसे ही परिस्थितियां ठीक होंगा कंपनी के हालत भी सुधर जाएंगे. ऐसे में निवेशक के पास अगले 10 वर्ष तक मौका है. उनका कहना था कि कोरोना जैसी महामारी या ऐसी परिस्थितियों में लंबी लड़ाई जैसी है, लेकिन जीत निश्चित होती है.

2 सेक्टर्स को लेकर काफी बुलिश थे झुनझुनवाला

झुनझुनवाला का मानना था कि इकोनॉमिक शक्तियों में इंडिया चमकेगा. देश की विकास दर (GDP) 10 प्रतिशत से ऊपर आएगी. होटल इंडस्ट्री और एविएशन सेक्टर ने काफी उतार-चढ़ाव देखे है. दोनों सेक्टर के कारोबार में बड़ा सुस्ता है. लेकिन, आने वाले दिन इन दोनों सेक्टर्स का हैं. इन सेक्टर्स में बहुत ज्यादा तेजी दिखाई देगी. यही वजह थी कि खुद झुनझुनवाला ने भी एविएशन सेक्टर में Akasa Air के जरिए कदम रखे थे. हालांकि, अकासा की उड़ान भरने से पहले ही झुनझुनवाला ने इस खूबसूरत दुनिया को अलविदा कह दिया.

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