Image Source :- Social Media

Rent Agreement 11 महीने का क्यों होता है? इसके पीछे की ये वजह नहीं जानते होंगे आप

What is Rent Agreement: अगर कोई रेंट अग्रीमेंट को रजिस्टर्ड करने का विकल्प चुनता है तो स्टैंप ड्यूटी की राशि किराए और ठहरने की अवधि से तय होती है. 

Image Source :- Social Media

जितनी लंबी अवधि तक किरायेदार रहेगा, उतनी ज्यादा स्टैंप ड्यूटी चुकानी होगी. 

Image Source :- Social Media

लिहाजा, भले ही रेंट अग्रीमेंट रजिस्टर्ड हो, छोटी अवधि से आप एक बड़ी राशि स्टैंप ड्यूटी में चुकाने से बच जाएंगे.

Image Source :- Social Media

Rent Agreement Period: क्या आपने कभी घर किराये पर लिया है? तब तो आपके मकानमालिक ने आपसे 11 महीने का रेंट अग्रीमेंट साइन करने को कहा होगा.

Image Source :- Social Media

भारत में ये आम चीज है. इस अग्रीमेंट को कई बार रिन्यू किया जा सकता है, 

Image Source :- Social Media

Image Source :- Social Media

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेंट अग्रीमेंट 11 महीने का ही क्यों होता है 12 महीने या उससे ज्यादा का क्यों नहीं?

रेंट अग्रीमेंट वो दस्तावेज होता है, जिसमें दोनों पक्षों के लिए नियम व शर्तें लिखी होती हैं. यह किरायेदार और मकानमालिक के बीच कानूनी संबंध का काम करता है.

Image Source :- Social Media

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुश्किल प्रक्रिया और किरायेदारों का समर्थन करने वाले कानूनों के कारण अकसर प्रॉपर्टी खाली कराना मकानमालिक के लिए मुश्किल हो जाता है

Image Source :- Social Media

प्रक्रिया में देरी के कारण मकानमालिक को भी इंसाफ मिलने में काफी समय लग जाता है. इस दौरान भी किरायेदार प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करता रहता है. 

Image Source :- Social Media

अगर किरायेदारी एक साल से कम है तो उसे पंजीकृत यानी रजिस्टर्ड करने की कोई जरूरत नहीं है. 

Image Source :- Social Media

Image Source :- Social Media

अगर कोई रेंट अग्रीमेंट को रजिस्टर्ड करने का विकल्प चुनता है तो स्टैंप ड्यूटी की राशि किराए और ठहरने की अवधि से तय होती है.

जितनी लंबी अवधि तक किरायेदार रहेगा, उतनी ज्यादा स्टैंप ड्यूटी चुकानी होगी. लिहाजा, भले ही रेंट अग्रीमेंट रजिस्टर्ड हो, 

Image Source :- Social Media

छोटी अवधि से आप एक बड़ी राशि स्टैंप ड्यूटी में चुकाने से बच जाएंगे

Image Source :- Social Media

इसलिए यह किरायेदार और मकानमालिक दोनों के लिए फायदेमंद है और दोनों अकसर इस पर राजी भी हो जाते हैं. कई लोग रेंट अग्रीमेंट रजिस्टर्ड कराने की जगह नोटराइज्ड कराते हैं. 

Image Source :- Social Media

6 से 72 माह तक की रिपेमेंट अवधि के साथ 25000 से लेकर 20 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज दर 9.60 प्रतिशतसे लेकर 15.65 प्रतिशत सालाना तक।

Image Source :- Social Media

60 माह की रिपेमेंट अवधि के साथ 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए ब्याज दर 8.95 प्रतिशत सालाना से शुरू है।

Image Source :- Social Media

Image Source :- Social Media

48 माह की रिपेमेंट अवधि के साथ 10 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज दर 9.85 प्रतिशत से लेकर 10.05प्रतिशत सालाना तक।

12-60 माह की रिपेमेंट अवधि के साथ 25000 से लेकर 5 लाख रुपये तक के लोन के लिए ब्याज दर 8.15 प्रतिशत से 14 प्रतिशत सालाना तक है।

Image Source :- Social Media

Image Source :- Social Media

48 माह की रिपेमेंट अवधि के साथ 10 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज दर 9.85 प्रतिशत से लेकर 10.05प्रतिशत सालाना तक।

60 माह की रिपेमेंट अवधि के साथ 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए ब्याज दर 8.95 प्रतिशत सालाना से शुरू है।

Image Source :- Social Media

स्टोरी पढ़ने के लिए धन्यवाद 

ATM Card पर फ्री में मिलता है 5 लाख तक का इंश्योरेंस

Next  स्टोरी 

Click Here